खुद को जाने !!! प्रकृति अदभुत रहस्यों का महाभंडार है। तथा इसमें अद्वितीय रचनाएं निहित है। जिसमें मनुष्य की रचना सर्वोपरि है। मनुष्य को प्रकृति ने अनेक प्रकार की शक्तियाँ प्रदान की है जैसे कि शारिरीक शक्ति ,मानसिक शक्ति, बौद्धिक शक्ति, आध्यात्मिक शक्ति और चारित्रिक शक्ति।परन्तु वर्तमान समय में जीवन की रफ़्तार ने मनुष्य को एक मशीन सदृश बनाकर रख दिया है आज का मानव जैसे खुद को ही भुल सा गया है सुबह उठते ही वह भागदौड़ में लग जाता है और व्यस्त दिनचर्या के बाद थककर रात को घर पर आकर सो जाता है और अगले सुबह फिर वही प्रक्रिया शुरू हो जाती है और पूरा जीवन यूं ही समाप्त हो जाता है यदि हम खुद पर भी और खुद की दिनचर्या पर भी चिंतन करे तो हम पायेगे कि हम जिस भीं स्थिति में हैं वह स्थिति बेहतर हो सकती है और यदि बेहतर है तो और बेहतर हो सकती है परन्तु हम अपने आपको इतना व्यस्त मानते है कि कभी इसके लिए सोचते ही नहीं है और प्रयास भी नहीं करते है। हम दीनदु:खी होने का दुँखड़ा गाते रहते है जबकि प्रकृति ने हमें देवता बनने की शक्ति प्रदान की है खुद को जान कर हम जीवन में सफलता के चरमोत्कर्ष पर पहुँच सकते है जो शक्तियां प्रकृति ने हमें प्रदान की है हमें उन शक्तियों को प्रोत्साहित,पल्लवित व संवर्धित करना चाहिए।
मनुष्य के अन्दर मानसिक और आध्यात्मिक शक्तियों जैसी अनेक प्रकार शक्तियां निहित है ये शक्तियां अत्यंत दिव्य है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हम देख सकते है जैसे कि यदि हम स्कार्पियो कार और एक अच्छे घर के बारे में सोचकर यदि आँखे बंद कर के सोचे तो ऐसा लगेगा कि हम किसी आलिशान बंगले के सामने खड़े है जहाँ सामने एक नई स्कॉपियो खड़ी होगी इसी प्रकार आध्यात्मिक शक्तियाँ भी ऐसी काम करती है कि हमारी आयु तक बढ़ा सकती है और अनेक चमत्कार कर सकती है अतः मनुष्य को यह चाहिए की वह ख़ुद को जाने ,ख़ुद को पहचाने, खुद पर विश्वास करे! मनुष्य जीवन में बहुत कुछ कर सकता है इसीलिए आप यह सोचे की आपका जन्म किसी खास उद्देश्य को पूरा करने के लिए हुआ है आप दिल से काम करे एक दिन ऐसा जरूर आएगा कि आप अपने मंजिल को जरूर हासिल करेंगे !!!
Aap ne sahi bataya hai
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