आज हम अपने हैण्ड राइटिंग के विषय में बात करने जा रहे है दोस्तों हैण्ड राइटिंग का बहुत प्रभाव पङता है हमारे बोर्ड परीक्षा में हमे अपने राइटिंग को सुधारने के लिए प्रतिदिन दो या तीन पेज लेख अंग्रेजी व् हिंदी लिखना चाहिए हमारी राइटिंग की हमारी छवि दर्शाता है अध्यापक के पास हमारी कॉपी जाती है तो वह सबसे पहले लिखावट को देखना चाहिए और उशके अनुशार ही कपि चेक करता इस हमें अपने परिस्थति से लड़ते हुए अपने निरंतर कार्य को करना चाहिए हमारे पाश किसी भी प्रकार का शांकत आ जय हमें अपने नित कार्य को छोड़ना नहीं चाहिए जैसे लेख। जाना आदि भी कुछ यह लिखना चाहिए की यह कोई और चेक करेगा इशलिए उसे सदैव साफ सुंदर मात्रावो व् अछरो में लिखना चाहिए हमें विशेष ध्यान हेडिंग चाहिए सदैव काळा पेन से लिखना चाहिए और अक्षरों और शब्दों का माथा पूरा पूरा भरना चाहिए और उसे रेखांकित कर देना चाहिए बोर्ड परीक्षा के पूर्व ही हमारे विद्यालय में आंतरिक मूल्यांकन की परीक्षा होती है जिसके अंतर्ग्रत हमें अपने अध्यापक को प्रोजेक्ट के रूप में लेख लिख कर देना होता इसमें भी राइटिंग का विशेष प्रभाव पड़ता है अध्यापक राइटिंग के आधार पर अंक निर्धारितकरता है दोस्तों हमारे साथ कई बार ऐसा होता है की रिजल्ट आने पर सभी कहते है की वह हमसे पड़ने में कमजोर था फिर भी हमसे ज्यादा अंक प् गया लेकिन आज तक होए इसका कारण नहीं जान सके दोस्तों आप को यह जान कर आस्चर्य होगा की वह भी अपने सुंदर व् साफ लेख की वजह से आप से ज्यादा अंक पाया है यह सुनकर बहुत ही कस्ट होता है की काश हम भी अपने राइटिंग पर ध्यान दिए होते क्योकि यह अंकपत्र सदैव के लिए बनता है फिर वह नहीं बनेगा इसलिए दोस्तों आप अपने प्रतिदिन के समय में से कुछ समय अपने राइटिंग के लिए भी निकालिए हमें अपने राइटिंग को बोर्ड या दिद्यालय तक ही सिमित नहीं रखना है वह अन्य जगह पर भी हमारी योग्यता को दर्शाता है जैसे नैकरी के लिए,काकपटिसँ में आदि।
जिस प्रकार बाग में फूल न हो तो वह बाग फीका फीका लगता है
No comments:
Post a Comment